समझने की तीन दृष्टियाँ

यदि हम सही तरह से न समझें, तो इतना पढ़ना-लिखना और मेहनत करना व्यर्थ भी जा सकता है।

किसी भी चीज़ को समझने के तीन मुख्य तरीके होते हैं:

1 तत्त्व-दृष्टि:- इसमें हम किसी बात की जड़ तक जाकर उसका0 असली सच समझने की कोशिश करते हैं।

2 साधक-दृष्टि:- इसमें हम देखते हैं कि उस बात का हमारे जीवन और समाज के विकास में क्या उपयोग है, और हमें उससे क्या सीख लेनी चाहिए।

3 व्यावहारिक दृष्टि – यह सबसे व्यापक होती है। इसमें हम वास्तविक जीवन को ध्यान में रखकर सोचते हैं और यह देखते हैं कि समाज और आम लोगों के लिए क्या सही और उपयोगी है।

पहली दो दृष्टियाँ अधिक व्यक्तिगत (व्यक्ति तक सीमित) होती हैं, जबकि व्यावहारिक दृष्टि पूरे समाज को साथ लेकर चलती है।

Share this story:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *