वक्त बड़ा बलवान है क्या समझे..? सबको मारे लात, कोई हंसे कोई रोये, ये वक्त-वक्त की बात।….
समय से बड़ा कोई नहीं होता…
महाभारत के प्रचंड योद्धा…? अर्जुन का अहंकार भी वक्त ने मिट्टी में मिला दिया था…!!!?
इसीलिए तो कहा जाता है कि ….वक्त-वक्त की बात है वक्त बड़ा बलवान अम्भीर लूटी गोपिया वो ही अर्जुन वो ही बाण…
चुप रहो… वक्त आने पर समय खुद ही हिसाब बराबर कर देता है।
और जब वक्त हिसाब-किताब करने लगता है—तो बोलने वालों की आवाज़ गुमनामी के अंधेरों में गायब हो जाती है।
अब देखो न…
अभी just कुछ दिन पहले की ही तो बात है… रोज मास मीडिया के सामने छाती ठोककर बोल रहा था, लांगुरिया या दूसरे शब्दों में कहें तो, बेवजह पेल रहा था —
“मैंने सीज़फायर कराया…”
“मैंने युद्ध रुकवाया…”
कभी 8 जहाज़, कभी 10, कभी 11… और भी न जाने कितने…?
अरे, ये किसके जहाज़ गिरे? ये कभी नहीं बताया…?
आखिर क्यों…?
सिर्फ हवा में बयानबाजी… या हवाबाजी
…और यहाँ कुछ जोकर बिना सोचे-समझे ताली पीट रहे थे..
लेकिन अब—
समय ने पूपाड़ी अपने हाथ में ली ले है। समय अच्छे अच्छों की हेकड़ी पलक झपकते ही निकाल देता है…😢😢😢
आज चौधराहट पेलने वाले दो नाल दे ट्रम्प की trumpet बज गई है ….अमेरिका खुद सवालों के घेरे में है…
नेतागिरी कहाँ घुस गई…? कहने की जरूरत नहीं है…
जिसे दुनिया का चौधरी समझा जाता था— वो आज इधर-उधर सहारा ढूंढ रहा है..*
ईरान के सामने हाल ये है कि— ना स्पष्ट जीत दिखाई पड़ रही है और ना ही कोई चुम्बकीय दिशा…और ऊपर से अंदर ही अंदर विस्फोटक विरोध… की अग्नि प्रज्जवलित है।
यही सच्चाई है “महाशक्ति” की…
सालों से, रूस की यूक्रेन में लगी पड़ी है …
चीन—सिर्फ कागज़ों और परेड में ताकत दिखाता है।
और अभी तो जरा रुकिए….
इन सबके बीच—
भारत…?!!
न शोर, न दिखावा—सीधा काम, काम तमाम और सटीक अंजाम…
जब जरूरत पड़ी—तो दुनिया ने देखा कि कैसे जवाब दिया जाता है।एक बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए
शेर शोर नहीं करता… शिकार करता है।
…समय बदलता नहीं है बल्कि बदलकर रख देता है…हरि ॐ युंजान
🌹💐🌴🌳🙏

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