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आध्यात्मिक होने का अर्थ
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आध्यात्मिक होने का अर्थ है यह समझ लेना कि हम स्वयं अपने आनंद के स्रोत हैं। आध्यात्मिकता का संबंध मनुष्य के भीतरी जीवन से है, और इसकी शुरुआत उसकी अंतर्यात्रा…
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वक्त बड़ा बलवान है
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वक्त बड़ा बलवान है क्या समझे..? सबको मारे लात, कोई हंसे कोई रोये, ये वक्त-वक्त की बात।…. समय से बड़ा कोई नहीं होता… महाभारत के प्रचंड योद्धा…? अर्जुन का अहंकार…
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महाभारत: आज के जीवन का आईना
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महाभारत: आज के जीवन का आईना महाभारत की घटनाएँ लगभग चार–पाँच हजार वर्ष पहले हुई थीं। इतने लंबे समय में समाज बहुत बदल गया है, परिस्थितियाँ भी बदल गई हैं।…
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समझने की तीन दृष्टियाँ
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यदि हम सही तरह से न समझें, तो इतना पढ़ना-लिखना और मेहनत करना व्यर्थ भी जा सकता है। किसी भी चीज़ को समझने के तीन मुख्य तरीके होते हैं: 1…
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महाभारत का वास्तविक उद्देश्य
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महाभारत और पुराणों को लिखने वालों का मकसद सिर्फ सही-सही इतिहास बताना नहीं था। उनका असली उद्देश्य लोगों को सही रास्ता (धर्म) दिखाना और गलत रास्ते (अधर्म) से दूर रखना…
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महाभारत और पुराणों की समझ
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अधिकांश विद्वानों का मानना है कि पुराणों का अंतिम रूप गुप्त काल (लगभग छठी सदी) में तैयार हुआ। समय के साथ इनमें नई-नई कहानियाँ और प्रसंग जोड़े जाते रहे, लेकिन…



