Author: Dr. Anil Paliwal
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आध्यात्मिक होने का अर्थ
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आध्यात्मिक होने का अर्थ है यह समझ लेना कि हम स्वयं अपने आनंद के स्रोत हैं। आध्यात्मिकता का संबंध मनुष्य के भीतरी जीवन से है, और इसकी शुरुआत उसकी अंतर्यात्रा…
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वक्त बड़ा बलवान है
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वक्त बड़ा बलवान है क्या समझे..? सबको मारे लात, कोई हंसे कोई रोये, ये वक्त-वक्त की बात।…. समय से बड़ा कोई नहीं होता… महाभारत के प्रचंड योद्धा…? अर्जुन का अहंकार…
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महाभारत: आज के जीवन का आईना
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महाभारत: आज के जीवन का आईना महाभारत की घटनाएँ लगभग चार–पाँच हजार वर्ष पहले हुई थीं। इतने लंबे समय में समाज बहुत बदल गया है, परिस्थितियाँ भी बदल गई हैं।…
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समझने की तीन दृष्टियाँ
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यदि हम सही तरह से न समझें, तो इतना पढ़ना-लिखना और मेहनत करना व्यर्थ भी जा सकता है। किसी भी चीज़ को समझने के तीन मुख्य तरीके होते हैं: 1…
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महाभारत का वास्तविक उद्देश्य
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महाभारत और पुराणों को लिखने वालों का मकसद सिर्फ सही-सही इतिहास बताना नहीं था। उनका असली उद्देश्य लोगों को सही रास्ता (धर्म) दिखाना और गलत रास्ते (अधर्म) से दूर रखना…
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महाभारत और पुराणों की समझ
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अधिकांश विद्वानों का मानना है कि पुराणों का अंतिम रूप गुप्त काल (लगभग छठी सदी) में तैयार हुआ। समय के साथ इनमें नई-नई कहानियाँ और प्रसंग जोड़े जाते रहे, लेकिन…
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कुंडली में सूर्य ग्रह
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कुंडली में सूर्य ग्रह के प्रतिकूल और नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए की श्लोक ऋग्वेद में भगवान सूर्य देव की स्तुति दी गई है। इसका जप करने से…
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पद्म पुराण में गीता माहात्म्य
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सारथ्यं पार्थस्य कृत्वा गीतामृतं ददौ। लोकत्रयोपकाराय तस्मै कृष्णात्मने नमः॥ अर्थात, भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के सारथी बनकर तीनों लोकों के कल्याण हेतु गीता का उपदेश दिया। पद्म पुराण के प्रमुख…
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श्रीमद्भगवतगीता का माहात्म्य और महत्व क्या है
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श्रीमद्भगवद्गीता का माहात्म्य (महिमा) और महत्व अत्यंत गहन और व्यापक है। यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, जिसमें जीवन जीने की कला (Art of Living) सिखाने वाला दिव्य ज्ञान है,…
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श्रीमद्भगवद्गीता का सरल अर्थ (दूसरा भाग)
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श्रीमद्भगवद्गीता का सरल अर्थ है दिव्यता से युक्त भगवान श्रीकृष्ण का गाया हुआ पवित्र ज्ञान रूपी उपदेश जिसके सुनने और अमल करने से मनुष्य चारों पुरुषार्थ ,(धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष)…